कभी-कभी शेयर बाज़ार में कुछ ऐसे छोटे रत्न छिपे रहते हैं जो धीरे-धीरे अपनी चमक दिखाने लगते हैं। ऐसा ही एक नाम है तारा चंद इन्फ्रालॉजिस्टिक सॉल्यूशन्स लिमिटेड (Tara Chand InfraLogistic Solutions Ltd) एक छोटी लेकिन तेजी से बढ़ती कंपनी जिसने हाल ही में निवेशकों को चौंका दिया है।

मुख्य ख़बर
कंपनी ने वित्त वर्ष 2025-26 (FY26) के लिए ₹83.14 करोड़ का पूंजीगत खर्च (Capex) पूरा कर लिया है। साथ ही, कंपनी के पास लगभग ₹1,572 मिलियन का ऑर्डर बुक है, जो आने वाले समय में मज़बूत आय का संकेत देता है। और खास बात ये है कि यह शेयर ₹80 से नीचे के दाम पर उपलब्ध है।
कंपनी का परिचय
तारा चंद इन्फ्रालॉजिस्टिक एक ऐसी कंपनी है जो इन्फ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट्स, मशीनरी किराये, वेयरहाउसिंग और अक्षय ऊर्जा (Renewable Energy) जैसे क्षेत्रों में काम करती है। यह कंपनी भारी मशीनरी जैसे क्रेन, ट्रेलर, एरियल प्लेटफ़ॉर्म आदि किराये पर उपलब्ध कराती है। इसके साथ ही सौर ऊर्जा (Solar Power) प्रोजेक्ट्स में भी इसकी सक्रिय भागीदारी है।
सरल शब्दों में कहें तो कंपनी “लॉजिस्टिक्स से लेकर सोलर तक” हर उस क्षेत्र में पैर जमा रही है जहां भारत की विकास यात्रा सबसे तेज़ है।
ऑर्डर बुक और ग्रोथ ड्राइवर
कंपनी का ऑर्डर बुक ₹1,572 मिलियन का है – यानी आने वाले महीनों में इतने काम पहले से तय हैं। इतना बड़ा ऑर्डर बुक किसी भी कंपनी के लिए राजस्व की स्थिरता (Revenue Visibility) का संकेत होता है।
कंपनी ने हाल ही में कई नए अनुबंध हासिल किए हैं, जिससे उसके रेवेन्यू और मुनाफे दोनों में तेज़ी आने की उम्मीद है।
₹83.14 करोड़ के नये निवेश से कंपनी ने अपनी मशीनरी और उपकरणों को अपग्रेड किया है। इसका मतलब है कि अब कंपनी ज़्यादा बड़े और विविध प्रोजेक्ट्स को संभाल सकेगी। साथ ही, अक्षय ऊर्जा के क्षेत्र में अपना बेड़ा (Fleet) बढ़ाकर कंपनी सस्टेनेबल बिज़नेस की दिशा में कदम बढ़ा रही है।
वित्तीय प्रदर्शन
कंपनी के ताज़ा नतीजे उम्मीद से बेहतर रहे हैं। वित्त वर्ष 2025-26 की पहली तिमाही (Q1 FY26) में कंपनी की कुल आय और लाभ दोनों में तेज़ी दर्ज की गई है।
नीचे एक अनुमानित तालिका इस रुझान को दिखाती है –
| वित्तीय संकेतक | Q1 FY25 | Q1 FY26 |
|---|---|---|
| कुल आय (₹ करोड़) | 50 | 120 |
| ईबीआईटीडीए (₹ करोड़) | 10 | 28 |
| शुद्ध लाभ (₹ करोड़) | 3 | 8 |
| ईबीआईटीडीए मार्जिन (%) | 20% | 23% |
अगर यही रफ्तार अगले कुछ तिमाहियों तक बनी रहती है, तो कंपनी अपने टर्नअराउंड चरण को पार कर सकती है।
आगे की राह
हर छोटे शेयर की तरह इसमें भी जोखिम हैं – जैसे प्रोजेक्ट में देरी, उधारी का दबाव या मशीनरी का खाली रह जाना। मगर कंपनी ने जिस तरह से अपनी योजना और पूंजी निवेश पूरा किया है, उससे लगता है कि भविष्य के लिए नींव मजबूत रखी जा चुकी है।
निष्कर्ष
₹80 से कम दाम वाला यह लॉजिस्टिक्स स्टॉक अब सिर्फ एक छोटा खिलाड़ी नहीं रहा। ₹1,572 मिलियन के ऑर्डर बुक और ₹83.14 करोड़ के कैपेक्स के साथ, तारा चंद इन्फ्रालॉजिस्टिक आने वाले सालों में इन्फ्रास्ट्रक्चर और अक्षय ऊर्जा दोनों क्षेत्रों में मजबूत दावेदारी रख सकता है।
अगर कंपनी अपनी गति बनाए रखती है, तो यह शेयर आने वाले समय में निवेशकों के लिए एक बड़ा वैल्यू क्रिएटर साबित हो सकता है।







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